Author name: admin

आखिर एक सुबह तो आई एक आशा के साथ,भले ही दूर बादलों में छिपे सूरज की तरह धूमिल। – राकेश […]

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मेरी तेरी ज़िंदगी में अब कोई जगह नहीं कहता है प्यार की उस पहली महक के बाद तुझे प्यार था

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गहरे ज़ख्म और नाकामयाब मोहब्बत,कभी भरते नहीं हरे ही रहते हैं!– राकेश शुक्ल ‘मनु’

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हमनें सोचा था तेरी मोहब्बत हमारी तमाम उम्र का सिलसिला होगा,तेरी रुखसत के बाद जाना मोहब्बत ही मोहब्बत का सिला

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क्या बदल गया तेरे न होने से क्या बदल गया तेरे न होने से क्या भोर नहीं होती, या सांझ

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मैं अब किसी की भी उम्मीद तोड़ सकता हूँ,मुझे किसी पे भी अब कोई ए’तिबार नहीं! – जव्वाद शैख़

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वफ़ा या बेवफाई का मैनें कोई इलज़ाम कभी लगाया ही नहीं,तेरी आगोश का एक अरमान था जो आज पूरा हो

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दरिया में डूबते हुए किनारे पर तुझ तक मेरी आवाज़ तो पहुंची,अब जियूं या डूब जाऊं कोई ग़म नहीं– राकेश

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सोचा तो था तेरा दर ही मेरा मकाम होगा तेरी आगोश ही आखिरी पैगाम होगा अब बेसबब भटकतां हूं ऐसे

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